मुंगेर :मुंगेर जिले में सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां शराब के नशे में एक युवक द्वारा बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी और उनके पिता के खिलाफ अभद्र भाषा और गाली-गलौज का वीडियो वायरल हो गया। वीडियो के सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और हरपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।पूरा मामला मुंगेर जिला अंतर्गत हरपुर थाना क्षेत्र का है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक युवक खुलेआम बिहार के उपमुख्यमंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग करता दिख रहा था। वीडियो तेजी से फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुपों में फैलने लगा, जिसके बाद इसकी जानकारी हरपुर थाना पुलिस को मिली। पुलिस ने वीडियो की सत्यता की जांच शुरू की और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर युवक की पहचान हरपुर थाना क्षेत्र के शिशुआ गांव निवासी शरद यादव के रूप में की गई।
पुलिस जब आरोपी के घर पहुंची तो वह पहले पुलिस से उलझ गया और थाने जाने से इनकार करने लगा। हालात को देखते हुए थाना से अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और फिर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
हरपुर थाना पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि एक युवक सोशल मीडिया पर उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा है। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई की गई। पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसी भी जनप्रतिनिधि, संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति या आम नागरिक के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, आरोपी युवक शरद यादव ने पुलिस के समक्ष अपनी गलती स्वीकार की है। उसने बताया कि किसी ने उसे शराब पिला दी थी, जिसके बाद वह होश में नहीं था। उसी दौरान किसी ने उसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। युवक ने कहा कि उसे अपने किए पर पछतावा है और भविष्य में वह ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगा। उसने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है।
इस घटना के बाद प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर नशे की हालत में या किसी उकसावे में आकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट या साझा करने से बचें। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और यह भी जांच की जा रही है कि वीडियो बनाने और वायरल करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।
