दौलतपुर (जमालपुर), 1 मार्च 2026:शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार और गुणवत्ता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए सरस्वती विद्या मंदिर, दौलतपुर जमालपुर में आयोजित सीबीएसई का दो दिवसीय इन-हाउस क्षमता निर्माण प्रशिक्षण आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के लिए केवल औपचारिक कार्यशाला नहीं, बल्कि नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के उद्देश्यों को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में एक सशक्त पहल साबित हुआ।इस प्रशिक्षण का आयोजन Central Board of Secondary Education के तत्वावधान में किया गया, जिसमें आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, भावनात्मक सुदृढ़ता, आलोचनात्मक चिंतन और समग्र विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम ने विद्यालय के आचार्य-आचार्याओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।
पहला दिन: “हैप्पी क्लासरूम” – सकारात्मक वातावरण की ओर
प्रथम दिवस का विषय “हैप्पी क्लासरूम” रहा। इस सत्र में यह बताया गया कि कक्षा का वातावरण केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वह विद्यार्थियों के लिए भावनात्मक रूप से सुरक्षित और प्रेरणादायक भी होना चाहिए। विशेषज्ञों ने समझाया कि जब बच्चे तनावमुक्त और आत्मीय माहौल में सीखते हैं, तो उनकी सीखने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।
भावनात्मक सुरक्षा, आपसी जुड़ाव, सहपाठी सहयोग और संवाद की संस्कृति को बढ़ावा देने के उपायों पर विशेष बल दिया गया। शिक्षकों को यह भी बताया गया कि छोटी-छोटी सकारात्मक पहल—जैसे मुस्कान, प्रोत्साहन, सराहना और खुला संवाद—किस प्रकार विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं।
दूसरा दिन: “थ्योरी ऑफ नॉलेज” – चिंतन की नई दिशा
प्रशिक्षण के दूसरे और अंतिम दिन का केंद्रबिंदु “Theory of Knowledge” रहा। इस सत्र में ज्ञान की अवधारणा, उसके स्रोत और उसकी विश्वसनीयता जैसे गहन विषयों पर चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि केवल जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने, विश्लेषण करने और तार्किक निष्कर्ष निकालने की क्षमता विकसित करना ही सच्ची शिक्षा है।
इंटरैक्टिव गतिविधियों, केस स्टडीज और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह सत्र अत्यंत रोचक और प्रभावशाली बना। शिक्षकों ने समूह चर्चा और प्रस्तुति के माध्यम से अपने विचार साझा किए। पूरे कार्यक्रम के दौरान सहभागिता और संवाद की भावना प्रमुख रही, जिससे सीखने की प्रक्रिया जीवंत बन गई।इस दो दिवसीय प्रशिक्षण का संचालन भागलपुर क्षेत्र से चयनित सीबीएसई प्रशिक्षक रवि प्रकाश पाठक और आकांक्षा ने कुशलतापूर्वक किया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव, विषय ज्ञान और प्रभावी प्रस्तुति शैली से शिक्षकों को प्रेरित किया। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक न रहकर व्यावहारिक अनुभव में परिवर्तित हो गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य छठु साह तथा उप-प्रधानाचार्य संतोष कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को न केवल नई शिक्षण तकनीकों से परिचित कराते हैं, बल्कि उनमें आत्ममंथन और आत्मविकास की प्रेरणा भी जगाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।
इस प्रशिक्षण में विद्यालय के सभी आचार्य-आचार्याओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। आचार्य संजय ठाकुर, हरे कृष्ण नारायण, विनोद, पियूष, विवेक, राजीव, विपिन चौधरी, कमल सिंह, दीदी सीमा सिंह, स्वाति गुप्ता, खुशबू कुमारी, पूनम कान्ति, लक्ष्मी, सन्नी, दीपा, बेबी सोम, शर्मीली बाला, सुप्रिया सुमन, अमृता, मधु, प्रिया, रेखा और रूपम सहित अनेक शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
यह दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार की दिशा में एक ठोस प्रयास रहा। विद्यालय ने यह सिद्ध कर दिया कि वह सीबीएसई मानकों, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और नई शिक्षा नीति 2020 के आदर्शों को एकीकृत कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
समापन अवसर पर सभी शिक्षकों ने यह संकल्प लिया कि वे सीखे गए सिद्धांतों और तकनीकों को अपनी कक्षाओं में लागू करेंगे, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को आनंदमय, प्रेरणादायक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इस प्रकार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आचार्यों के मन में नई ऊर्जा, नई सोच और नवाचार की प्रेरणा जगाने वाला एक यादगार आयोजन बन गया।
