मुंगेर (जमालपुर )-गेट नंबर 6 से फुल्का झारखंडी स्थान तक प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य में हो रही लगातार देरी ने अब जनआक्रोश का रूप ले लिया है। पिछले कई महीनों से यह महत्वपूर्ण मार्ग अधूरा पड़ा है, जिससे स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस मार्ग की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है।
जानकारी के अनुसार 05 सितंबर 2025 को संवेदक द्वारा पुरानी जर्जर सड़क को आंशिक रूप से खुरच दिया गया था। कहीं आधा इंच तो कहीं एक इंच तक सड़क की ऊपरी परत हटा दी गई, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया। सड़क की सतह उखड़ जाने से पूरे इलाके में दिनभर धूल का गुबार उड़ता रहता है। सड़क किनारे रहने वाले परिवारों के घरों में धूल भर रही है, दुकानदारों का सामान खराब हो रहा है और राहगीरों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। कई लोगों ने श्वास संबंधी समस्याओं की शिकायत भी की है।
स्थिति तब और भयावह हो जाती है जब बारिश होती है। हल्की वर्षा में ही पूरा मार्ग कीचड़ और जलजमाव से भर जाता है। गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलकर गिर रहे हैं। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले लगभग पांच महीनों से निर्माण कार्य शुरू नहीं होने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
दिनांक 28 नवंबर 2025 को जिला प्रशासन की ओर से आई पदाधिकारियों की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि जल-नल योजना का कार्य पूर्ण होने में लगभग 18 से 20 महीने का समय लग सकता है। यह सुनकर उपस्थित नागरिकों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने एक स्वर में कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार सड़क निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए और किसी भी योजना को आधार बनाकर जनता को और अधिक समय तक परेशान न किया जाए।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यदि समय पर समन्वय कर योजना बनाई जाती तो सड़क और जल-नल योजना का कार्य समानांतर रूप से किया जा सकता था। अब सड़क को खुरचकर छोड़ देना गैर-जिम्मेदाराना रवैया दर्शाता है। लोगों का कहना है कि अधूरी सड़क ने पूरे क्षेत्र को धूल और कीचड़ के हवाले कर दिया है।
इसी गंभीर समस्या को देखते हुए आज स्थानीय नागरिकों द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान समाजसेवी श्री मनीष मंडल ने धूल से बचाव के लिए मास्क वितरण कार्यक्रम चलाया। उन्होंने कहा कि जब तक सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी एक बड़ी चिंता है। मास्क वितरण के माध्यम से नागरिकों को अस्थायी राहत देने का प्रयास किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो जनहित में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसमें धरना, प्रदर्शन और उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, बल्कि योजनाओं के नाम पर जनता को कष्ट दिए जाने का विरोध कर रहे हैं।
इस विरोध प्रदर्शन में सुधीर कुमार, मयंक राज उर्फ छोटू डॉन, सोनू मंडल, रोशन कुमार, आकाश कुमार, स्मृत पासवान उर्फ छोटू, राजन कुमार, अमन राजन, सौरभ कुमार, आदित्य कुमार, पंकज कुमार, राहुल कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर प्रशासन से मांग की कि सड़क निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू कराया जाए और क्षेत्रवासियों को राहत दी जाए।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन जनता की इस गंभीर समस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है। फिलहाल गेट नंबर 6 से फुल्का झारखंडी स्थान तक की सड़क धूल, कीचड़ और अधूरे वादों की कहानी बनकर रह गई है, जबकि जनता राहत की प्रतीक्षा में.
