मुंगेर -बिहार में पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करने और ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। आगामी 27 एवं 28 जनवरी 2026 को मुंगेर जिले के संत मैरी इंग्लिश स्कूल, संग्रामपुर में पार्वती देवी सब जूनियर बिहार स्टेट बालक एवं बालिका खो-खो चैंपियनशिप 2025–26 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता न केवल खेल आयोजन है, बल्कि बिहार के गांव-गांव में छिपी प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय पटल तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम भी है।
यह राज्य स्तरीय खो-खो चैंपियनशिप बिहार के उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री श्री सम्राट चौधरी की पूज्य माताजी स्वर्गीय पार्वती देवी के नाम पर आयोजित की जा रही है। इस आयोजन के माध्यम से स्व. पार्वती देवी के सामाजिक मूल्यों, संस्कारों और जनसेवा की भावना को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
भारतीय पारंपरिक खेल को गांव स्तर तक ले जाने का संकल्प
खो-खो भारत का एक प्राचीन, पारंपरिक और अत्यंत रोमांचक खेल है, जो शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक सतर्कता, टीम वर्क और रणनीतिक कौशल का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करता है। आधुनिक खेलों की चकाचौंध में कहीं पीछे छूटते जा रहे इस खेल को फिर से उसकी जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से इस चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है।
खो-खो एसोसिएशन ऑफ बिहार के महासचिव नीरज कुमार पप्पू ने बताया कि यह आयोजन खास तौर पर ग्राउंड लेवल और गांव स्तर पर खो-खो को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बालक-बालिकाओं को एक मजबूत मंच मिल सके।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता, राष्ट्रीय स्तर का रास्ता
इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके माध्यम से चयनित खिलाड़ी हरियाणा में आयोजित सब जूनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप 2025–26 में बिहार राज्य टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। यानी यह टूर्नामेंट सीधे-सीधे राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने का प्रवेश द्वार है।
महासचिव नीरज कुमार पप्पू ने बताया कि इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के आधार पर ही बिहार स्टेट सब जूनियर बालक एवं बालिका खो-खो टीम का चयन किया जाएगा। चयनित खिलाड़ी 31 जनवरी से 04 फरवरी 2026 तक हरियाणा में आयोजित 35वीं सब जूनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप में भाग लेंगे।
