पटना:जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आज पटना में आयोजित सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के दौरान बिहार की राजनीति और शासन व्यवस्था को लेकर बड़ा और स्पष्ट ऐलान किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद जन सुराज ने बिहार नवनिर्माण को लेकर जो वादे जनता से किए थे, अब उन वादों को सरकार से पूरा कराने की निर्णायक लड़ाई शुरू होने जा रही है। प्रशांत किशोर ने साफ कहा कि जैसे ही राज्य सरकार के छह महीने पूरे होंगे, जन सुराज के कार्यकर्ता और नेता सड़कों पर उतरेंगे और सरकार को उसकी घोषणाओं की याद दिलाएंगे।प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव के दौरान सरकार ने जनता से जो वादे किए थे, उन वादों को पूरा करना उसकी संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। जन सुराज सत्ता में नहीं है, लेकिन जनता के हक की लड़ाई लड़ने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगा।
पेंशन 1100 नहीं, 2000 रुपये—बुजुर्गों के साथ मज़ाक बंद हो
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के गरीब, बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग लोगों के साथ सरकार लगातार मज़ाक कर रही है। उन्होंने कहा कि जन सुराज ने स्पष्ट रूप से मांग की थी कि बिहार के जरूरतमंद नागरिकों को कम से कम 2000 रुपये मासिक पेंशन दी जाए, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
सरकार ने इस मांग को आधा-अधूरा मानते हुए पेंशन को केवल 1100 रुपये तक बढ़ाया, जो आज की महंगाई में किसी मज़ाक से कम नहीं है। प्रशांत किशोर ने सवाल किया कि जब एक परिवार का मासिक खर्च हजारों रुपये में होता है, तो 1100 रुपये में कोई बुजुर्ग या जरूरतमंद व्यक्ति कैसे गुज़ारा करेगा?
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार पेंशन को 2000 रुपये नहीं करती है, तो जन सुराज इस मुद्दे को गांव-गांव, वार्ड-वार्ड ले जाकर आंदोलन करेगा।
रोजगार के नाम पर छल—पलायन रोकने के लिए हर परिवार को स्थायी आमदनी जरूरी
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी समस्या आज भी रोजगार और पलायन है। हर साल लाखों युवा रोजी-रोटी के लिए बिहार छोड़कर दूसरे राज्यों में जाते हैं, जहां उन्हें अपमान, शोषण और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।
जन सुराज ने चुनाव के समय मांग रखी थी कि सरकार ऐसी नीति बनाए, जिससे हर परिवार को 15 से 20 हजार रुपये महीने की स्थायी आमदनी सुनिश्चित हो सके। इससे न केवल पलायन रुकेगा, बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव के समय यह घोषणा की थी कि बिहार के हर परिवार को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे, ताकि लोग खुद का रोजगार शुरू कर सकें। सरकार ने फिलहाल केवल 10 हजार रुपये दिए हैं और दावा किया है कि 1 लाख 90 हजार रुपये और दिए जाएंगे।
1 जून से गांव-गांव, हर वार्ड में जन सुराज—जनता को 1.90 लाख दिलाने की मुहिम
प्रशांत किशोर ने ऐलान किया कि 1 जून 2026 से जन सुराज के कार्यकर्ता बिहार के हर गांव, हर पंचायत और हर वार्ड में जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को रोजगार चाहिए, जो अपना छोटा-मोटा काम शुरू करना चाहते हैं, जन सुराज के लोग उन्हें सरकार से मिलने वाले 1 लाख 90 हजार रुपये दिलाने की प्रक्रिया में पूरी मदद करेंगे।उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह कोई एहसान नहीं है, बल्कि जनता का हक है, और जन सुराज इस हक को दिलाने के लिए पूरी ताकत लगाएगा।
NEET की छात्रा से दुष्कर्म मामला—सरकार और विपक्ष दोनों कटघरे में
प्रशांत किशोर ने हाल ही में सामने आए NEET की छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म मामले पर सरकार और विपक्ष दोनों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि इतने गंभीर मामले में न तो सरकार मजबूती से खड़ी हुई और न ही विपक्ष ने कोई ठोस भूमिका निभाई।उन्होंने कहा कि इस मामले में अगर कोई सड़क पर खड़ा हुआ, तो वह जन सुराज और उसके कार्यकर्ता थे। पार्टी के सदस्य मनीष कश्यप ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और जन सुराज का प्रतिनिधिमंडल पीड़िता के साथ खड़ा रहा।
प्रशांत किशोर ने कहा कि वे स्वयं पीड़िता से मिलने पहुंचे और उसी दिन सरकार को मजबूरी में SIT का गठन करना पड़ा।
दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई—SIT रिपोर्ट के बाद होगा अगला फैसला
प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज किसी भी मामले में दिखावटी राजनीति नहीं करता। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी चाहती है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो। SIT की रिपोर्ट आने के बाद जन सुराज आगे की रणनीति तय करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि जन सुराज ने इस मामले में एसएसपी से मुलाकात कर मांग की थी कि जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो। उन्हें सूचना मिली है कि मामले में दो संबंधित पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
पीड़ित परिवार को कानूनी मदद—जन सुराज पूरी ताकत से लड़ेगा
जन सुराज के वरिष्ठ साथी वाई. वी. गिरी ने घोषणा की कि पार्टी पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को पूरी कानूनी मदद उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक मामला नहीं है, बल्कि बिहार में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा की सच्चाई को उजागर करता है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के जितने मामले सामने आएंगे, जन सुराज सत्ता या विपक्ष की परवाह किए बिना पीड़ित के साथ खड़ा रहेगा और पूरी ताकत से लड़ेगा।
जन सुराज का स्पष्ट संदेश—न वादों से पीछे हटेंगे, न संघर्ष से
अपने संबोधन के अंत में प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज कोई चुनावी गठबंधन या अवसरवादी संगठन नहीं है। यह बिहार को बदलने की एक दीर्घकालिक लड़ाई है।
उन्होंने कहा कि चाहे सरकार माने या न माने, जन सुराज जनता के हक के लिए संघर्ष करता रहेगा। पेंशन, रोजगार, महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार—हर मोर्चे पर जन सुराज सड़क पर भी लड़ेगा और समाज में भी।
