मुंगेर। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों की स्मृति में शुक्रवार की शाम विजय चौक पर देशभक्ति, श्रद्धा और संकल्प का अद्भुत संगम देखने को मिला। वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उस भीषण हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जांबाज़ जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। सात वर्ष बाद भी वह दर्द लोगों के दिलों में ताजा है।इसी शहादत को नमन करने के लिए विजय चौक प्रबंध समिति के तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जैसे ही शाम ढली, विजय चौक तिरंगे रंगों और मोमबत्तियों की रोशनी से जगमगा उठा। हाथों में मोमबत्तियां लिए सैकड़ों देशभक्त नागरिक, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग एकत्रित हुए। वातावरण में गहरा मौन था, लेकिन दिलों में देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित थी।कार्यक्रम की अगुवाई समिति के अध्यक्ष संजय बबलू ने की। उन्होंने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि पुलवामा का हमला केवल हमारे जवानों पर नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की अस्मिता पर कायराना प्रहार था। उन्होंने कहा कि इन वीरों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और देश उनकी शहादत को सदैव याद रखेगा।सचिव सनत कुमार, सह सचिव विजय कुमार, कोषाध्यक्ष विमल कुमार, कार्यक्रम संचालन कर रहे कौशल किशोर पाठक, अमर केसरी संजय पोद्दार, श्रुति सिंह, हेमंत सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने 14 फरवरी 2019 की उस दर्दनाक घटना का स्मरण करते हुए कहा कि जिस साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ हमारे जवानों ने देश की रक्षा की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।श्रद्धांजलि सभा के दौरान शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। दो मिनट का मौन रखकर अमर वीरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। उस क्षण पूरा विजय चौक स्तब्ध था—आंखों में आंसू थे, लेकिन गर्व की चमक भी थी।सभा में उपस्थित युवाओं ने कहा कि पुलवामा की घटना ने देश को एकजुट कर दिया था। यह केवल शोक का दिन नहीं, बल्कि संकल्प का दिन है—आतंक के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने का संकल्प। महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और कहा कि वे अपने बच्चों में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना भरने का कार्य करेंगी।समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 14 फरवरी को विजय चौक पर यह श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाती है, ताकि नई पीढ़ी शहीदों के बलिदान को जाने और उनसे प्रेरणा ले। कार्यक्रम के अंत में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से वातावरण गूंज उठा।मुंगेर के नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा। पुलवामा के वीरों की शहादत भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उनका त्याग और समर्पण देश की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करता रहेगा।
विजय चौक पर उमड़ा यह जनसैलाब केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अटूट प्रेम, सम्मान और प्रतिबद्धता का प्रतीक था। आंखों में आंसू और दिल में ज्वाला लिए लोगों ने संकल्प लिया कि देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए वे सदैव सजग रहेंगे।
अमर शहीदों को शत-शत नमन। 🇮🇳
